Nikhil Kumar 15 Jun 2023 ग़ज़ल समाजिक #Google #sahity live #social 33827 0 Hindi :: हिंदी
किसने जाना कि कल है क्या होगा
कुरबतें या के फ़ासला होगा
आज रोया है वो तो रोने दो
हो न हो ख़ुद से वो मिला होगा
चांद जो पल में बन गया मिट्टी
रात-दिन किस तरह जला होगा
ज़ुल्म करता नहीं वो बन्दों पर
आज दुनिया का रब ज़ुदा होगा
यूँ न ढूंढो यहाँ वफ़ा 'श्रद्धा'
तन्हा-तन्हा-सा रास्ता होगा|
~ Prince