Ranjana sharma 16 Dec 2024 ग़ज़ल प्यार-महोब्बत #Google#sad love gazal# 37629 0 Hindi :: हिंदी
कैसा ए इश्क है तेरा
एक पल का आराम नहीं है दिल को मेरा
सुबह से शाम और शाम से कब रात
गुजर जाती है तेरी याद में
खबर भी नहीं किसी का
खुली आंखों में तस्वीर तेरी
और बंद आंखों में ख्वाब तेरी
जाऊं तो कहां जाऊं हर तरफ तू ही तू
नज़रों में मेरी
दूर हो जाना चाहती हूं तेरी यादों से
पर तेरी यादों की गहराई इतनी
जितनी सागर की गहराई
क्या है आखिर तुझमें जो
खींची चली आती हूं तेरी ओर
बात तो है तुझमें कुछ
यूं नहीं तेरी ओर चली आती हूं
इत्र तेरे तन की जो मेरे मन को बहकाती है
तू ना भी हो तेरे होने की एहसास जगाती है
बांध रखा है तूने मुझे
अपने इश्क के जंजीर में
उड़ान भरना भी चाहती हूं
किसी ओर दिशा में पर
पर मेरे तेरी ओर ही उड़ जाती है
धन्यवाद🙏