Jyoti yadav 27 Dec 2024 ग़ज़ल अन्य तेरे बगैर खुशी कहां हैं 57209 0 Hindi :: हिंदी
वो आईना अब भी पास रखी हूं जिसमे मैने हम चारों की सुरत देखी थी, तस्वीर बसी है निगाहो मे, तकदीर तुमने भी खुबसूरत देखी थी,।।। जब जब दिदार हो उस आईने का तेरे लौट आने की खबर होती है, तुमने भी तो वादा किया हैं , जरुर लौटोगे, इसी बात की सबर होती हैं ।।।। जिस राखी को तुने तरसता छोङा है, वो राखी तेरा रास्ता तकती हैं, मैं तो मान भी जाती पर तुम जरुर लौटोगे ए हर रोज कहती हैं।।। खुशियों से आगे भी कोई जहां हैं तो वो मिल जाए हमे,तुमने ही तो कहा है पर तेरे बगैर खुशी कहां है लौट आओ भाई आपने तो हर बार मेरी जरुरत देखी है, वो आईना अब भी पास रखी हूं, जिसमे मैनें हम चारो की सुरत देखी हैं,।।। विनय यादव ज्योति यादव के कलम से कोटिसा विक्रमपुर सैदपुर गाजीपुर उत्तरप्रदेश