संदीप कुमार सिंह 30 Mar 2023 ग़ज़ल प्यार-महोब्बत मेरी यह ग़ज़ल काफी रोमांचक है पाठक गण अवश्य ही लाभान्वित होंगें। 31721 0 Hindi :: हिंदी
कई हमने जिन्दगी में बहार देखा,
सनम को हमेशा ही खुश गवार देखा।
अनेकों जिन्दगी के रंगों को झेला,
हमने जिन्दगी सदा ही गुलजार देखा।
कुछ लोग बेमतलब दुश्मनी कर बैठे,
दुश्मनों में भी मानवीय प्यार देखा।
गमों के बादल तो आते ही रहते हैं,
हमने गमों में भी कई हकदार देखा।
हवा में भी शब्दों का गजब प्रसिद्धि है,
शब्दों पर ही कई बार तकरार देखा।
मुझे एक बार कर गई थी वह घायल,
शब्दों के वान से करते इजहार देखा।
अनमोल चांद का प्यार रात में है,
चांदनी रातों में फिजा दिलदार देखा।
कभी _ कभी असमंजस की समय आती,
असमंजस में भी सफल किरदार देखा।
खुवाबों के दुनिया संदीप बहुत ही रंगीन हैं,
खुवाबों के भी सजते महल हजार देखा।
संदीप कुमार सिंह✍🏼
जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)बिहार
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....