Poonam Mishra 15 Jun 2023 ग़ज़ल समाजिक कभी यूं ही मिलने आया करो 31303 0 Hindi :: हिंदी
खुद को इतना भी मत सताया करो !कभी खुलकर अपनी बात भी बताया करो! चांद देगा! नहीं !तोड़कर तुझे कोई !यह बात भी कभी मुझे तुम समझाया करो! देख कर मुझे यूं ना नजरें झुकाया करो! कभी नजरों से नजरें मिलाकर भी मुस्कुराया करो! वक्त की मांग है तुम मिलो तो सही,! कभी मिलने का कोई बहाना बनाया करो ! मौसम बदलत्तै रहे हैं हर साल तुम भी मौसम की तरह मिलने आया करो! कई आरजू है दिल में मेरे अभी! कभी मिलो तो हम तुम्हें कुछ बताया करें !ख्वाहिश नहीं है कि तुम मेरी जिंदगी में शामिल हो जाओ ! परंतु यह चाहत बनी है! कि कभी तो मुझसे भी हाथ मिलाया करो स्वरचित लेखिका पूनम मिश्रा