एक घर के सामने सडक बन रही थी,
गरीब मजदूरिन वहाँ काम कर रही थी.
मजदूरिन के घर का सारा बोझ उसी पर पडा था,
उसका नन्हा सा बच्चा साथ ही खडा था.
उ read more >>
देखते ही देखते जवान,
“माँ-बाप” बूढ़े हो जाते हैं…
सुबह की सैर में,
कभी चक्कर खा जाते है,
सारे मौहल्ले को पता है,
पर हमसे छुपाते है&hellip read more >>
चल रहा हु रास्ते से अनजान हूँ,
लिख रहा हु हर लफ्ज से अनजान हूँ,
कुछ बात होगी मेरे जीने मे
जी रहा हूँ पर दर्द से अनजान हूँ,
एक मोड़ आया जिं� read more >>
आखिर वहां जाकर क्या कहोगे ,,,,,,
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हर इक सामान लौटाना पड़ेगा,
यहीं सब छोड़ कर जाना पड़ेगा,
यहाँ झूठी गवाही लाख � read more >>
मन में बसा है ,
मन में बसा है, हर एक के मन में बसा है वो भगवान
जो सब में छिपा हुआ है वो मनोबल पर किसी को नजर नहीं आता।
किस कलियुग में जी रह� read more >>