( नज़र )
आज फिर आसमां में एक चांद खिला |
चांदनी में तन यह बतर हो गया ||
उसने शरमा के पलकें जो फेरी यहाँ|
बाग-बाग यह मेरा मन हो गया||
मेरे � read more >>
संसार की माया मिथ्या, झूठ का ना मोल ।
अब ग्यान पटल खोल माँ, ग्यान पटल खोल ।।
अवगुण भरे हैं इस तन में, अब गुण की भाषा बोल ।
अब ग्यान पटल खोल � read more >>
मुझसे मेरा मन कहता है.....
मुझसे मेरा मन कहता है ,
तू क्यों इतना उदास होता है...!
तुझे मिली एक शम्मा थी ,
जला के देखा तो ,
जला के बुझी थी
रह गय read more >>