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Tulasi Seth
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Tulasi Seth
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Tulasi Seth
@ tulasi-seth-77
, Odisha
I am a housewife and I love to read and write
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दिल से शायरी
गेहराई न पुछो प्यार की के, समंदर से भी गेहरा है प्यार हमारा दिल तो बस इक नजारा है साथी मांगों तो जान भी निसार हमारा।
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काश
काश दिल की हर अनकही बातों को कोई समझने वाला होता कुछ और न सही हर तन्हाई में साथ निभाने वाला होता।
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फुर्सत
अक्सर वह यह कहा करते हैं, के उनको इक पल की भी फुर्सत नहीं पर जाने क्यों हमें यह लगता है के हमसे उनको कोई मतलब ही नहीं।
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मेहमान वनके आए थे कभी
मेहमान वनके आए थे कभी अब याद वनके ही रह गये हो, मिलों दूर के ओ रहने वाले तुम अब ख्वाब वनके ही रह गये हो।
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सुकुन वेसुमार मिलता है।
ईमानदारी और सच्चाई का भले ही कोई इनाम न मिले पर दिल को तो सुकुन वेसुमार मिलता है।
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तुम खास हो सायद इसलिए दूर रहे
तुम खास हो सायद इसलिए दूर रहे तुम पास नहीं मगर फिर भी करीब रहे यादें तुम्हारी लफ्ज़ बन रहै हमेशा जो हमें सताते रहे।
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मेहफुज तेरी चाहत में- खुद को हमने पाया है
मेहफुज तेरी चाहत में खुद को हमने पाया है कुछ और की जरूरत ही क्या जो तुझ में सब कुछ पाया है।
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स्मृति-स्कूल का वो पहला दिन जब
स्कूल का वो पहला दिन जब सभी अपना अपना परिचय गुरु जी को बता रहे थे,तब बहुत सारे नये वच्चे आए थे ।सब अपने अपने वारे में बता रहे थे। किसी पर �
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तुम से मिलना मंजुर नहीं-विछडके तुम से ऐहसास हुआ है
दूरियां तुम से अच्छी भली है मिलना तुम से मंजुर नहीं विछडके तुम से जो ऐहसास हुआ है मिलें कभी तो फिर उमड़े के नहीं
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आदत-तुम्हारी लग न जाए
आदत तुम्हारी लग न जाए यही सोच कर वस दूर रहते हैं दूरियां शब्द तो नाम का है खाली हम काहां तुम को कब भुल पाते हैं
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