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Tulasi Seth

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@ tulasi-seth-77
, Odisha

I am a housewife and I love to read and write

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My Articles

खुबसूरत सी है यादें तेरी जो हरपल दिल को सुकून दे जाती ख़ामोश है जुबां कहती हैं आंखें दुरियां भी तेरी करीब है लाती। read more >>
कहीं पे तुम और कहीं पे हम हैं दिलों के फासले न हुआ कभी कम है शायद हम कभी मिलें भी नहीं दिल की इए चाहत तो लगता जैसे भ्रम है। read more >>
पता है हमें, हम याद नहीं तुम्हें और तुम्हें भुले नहीं हम फिर भी चाहत की उम्मीद तो है, के आपके हम ख़यालों में भी नहीं और हरपल आप हमारे ख़� read more >>
तरसते हैं आंखें इक दरस को उनके ना जाने वो दिन फिर आए के नहीं इस उम्मीद में सफर चले जा रहें हैं शायद वो इक दिन मिलेंगे तो कहीं । read more >>
मेरी तनहाई को‌ तेरा इंतज़ार रहता है हर वो लम्हे जो तुम से हैं मिली उन लम्हों को तुम्हारा एतबार रहता है पलकें मेरी है नम हो जाती दिल मे� read more >>
सारे धाम की तिरथ कर लो ना आएगा कुछ भी काम माता पिता के चरण जो सेवे वह ही पुण्य सतकाम। read more >>
वो लोग अक्सर बहुत व्यस्त रहते हैं जिनके फिक्र में कोई और तरसता रहता है। read more >>
आज कल लोगों की नजर अपनी ग़लतीयों को सुधारने में कम और दुसरों की अच्छाईयों को टेढ़ी तरह से देखने में ज्यादा खराब हो रही है। read more >>
बड़े नसीब से ऐसे दोस्त मिलते हैं जिन्हें लाख बार भी पुकारो सुनते नहीं हैं और अपनी जरुरत पड़ने पर धड़ाम से हाजिर हो जातें हैं। read more >>
आज-कल बुढ़े मां बाप का बंटवारा करने में उनके अति प्रिय संतान लगे पड़ें हैं।जिन माता पिता ने अपनी सारी जीवन उस संतान की भविष्य बनाने मे� read more >>
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