मे हर वक्त हर जगाह हर किसिको, अपणी पेहचान दे रहा हू ,शायद से यही वजह है की इस बाजार मे मे अपनी किंमत खो रहा हुं !और ये यार उसे कोई आईना दिखा� read more >>
की हम वो इंसान है,
जो खुदका घर जलाये बैठे है !
हा देखे है बेहद से सपने,
पर खुद अपनी हातो से दफनाये बैठे है !
वैसे तो शम्मे है हम अंधेरो मे,
� read more >>
जा जिले अपनी जिंदगी ना तुमसे कोई गिला है
बस इतना चाहा हमने, की तुझे हर एक मुसिबत से दूर रखे
पर अब जाके समज आया हमे, की तेरी सबसे बडी मुसिब read more >>
बीत गया वो वक्त जब इश्क को खुदा की अमानत,
समजकर अपनी मोहब्बत को बया करते थें !
आज कल की पिढी का तो कूछ और हीं चल रहा है ,
दिलं से दिलं तक नह read more >>