में पतझड का मौसम हू तुम बारिश बन बरस जाओ
मे लिखता रहू उम्र भर , तुम कविता बन उभर आओ
भले रुठे हो शब्द मेरे, तुम यु दिल की बात समझ जाओ
मेरी ज read more >>
मिलो कभी एक बात केहनी हे ,
इ सी बहाणे सो बाते केहणी है और अक्सर
सुनाऊ अधूरी कहाणी तुझे , उसे पुरा करने के बहाने कल एक और मुलाकात करनी है
❤� read more >>