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तेरा मुखड़ा , चाँद का टुकड़ा गालों में काला तिल है क्या कहूँ गोरे गालों में काला तिल अदायें तेरी बड़ी कातिल कात्ल कर दे हम को होश खो बैठे � read more >>
दिल में प्यार ,आँखों में हैं चाहत तेरे तबस्सुम से मिलता है मेरे दिल को राहत होठ खामोश आँखों से होती हर बात तेरी कातिल नज़र कर दिया का read more >>
मैं एक इन्सान - निर्धन की संसार ; शिति - दीन हूँ , मुझे कहीं जगह ना मिला - इसलिए उत्पीड़न की गर्भ में लिया स्थान ; मैं आधि - व्याधि की गर्भ से � read more >>
नत नयन मेरी दृष्टि - दो नयन में ! दो बूँद अत्रु लेकर ; घर की चूल्हा देखकर , ऐ कैसी तेरी सृष्टि - रे भगवान , हे अल्लाह , ठंड पड़ चुकी थी चूल्हा ; read more >>
लड़का :- एक दो मुलाकातों में बातों - बातों में हे सनम ! हमें तुम से प्यार हो गया मिला के नज़र घायल करके जिगर अब तो गुमशुदा दिल का खुमार हो � read more >>
सायंकाल का प्रहर - जिसे देती विदाई कोई ; सुरबाला सी नारी - पहन के सफेद साड़ी , विदाई दे रही है - सज - धज कर ; लेता विदाई दिनकर - नींद की तैयारी read more >>
ओ रे बादल धीरे गरज जरा थम के बरस ओ रे थम के बरस उमर मेरी सोलह बरस हर बूँद मेंं हैं तेरी जादू होने लगी हूँ बेकाबू छा रही है ऐसा सुरुर टुट� read more >>
ओ मेरे महबूब - ओ मेरे महबूब तू याद आने लगी है खूब ये घर ये संसार सूना -सूना क्या आप ने दिल की आवाज सुना आप से घर का हर कोना -कोना चमके बनके � read more >>
अबोध बालपन - कितना नादान - बड़ा होकर बनू किसान ; यहीं सोचता रहा - एकाग्रता से पिता का श्रम देखता रहा - मेरा नादान बालपन सपना सजाता रहा - बा� read more >>
मैं प्यासा , हूँ निराशा आँसू बन के बहे गये दिल मे थे जितने आशा सूख गये दिल की ओ सागर लूट लिया मुझे प्यार की डगर नासूर बना जख्म दिल मर के read more >>
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