तेरे नाम से इस कदर रोया आज ---2
तुम रुह हो मेरी --
मैं जिस्म हूँ तेरी ,
तुम बिन कैसे जीऊँगा ,
लौट के आ जाओ ---2
तुम बिन अधूरा हर साज़ ,
करो दास्ताँ � read more >>
किसे सुनाऊँ दास्ताँ ग़म की ---2
आज भी रुला जाती है ,
रवानी शाम की ---
कहकशाँ सी धुंधली सूरत ---2
जहाँ में तुम आफ़ताब ईद का ,
बेताब है दिन , बेचैन रा� read more >>
गम को भूलाने की बहाने बहुत की ---2
आलम में मुस्कुराना है ,
दामन में काटें को खिला के ---2
होठों में गुलशन को खिलाया हूँ ,
बहाने की बहुत तुझे भ� read more >>
वतन में लोकतंत्र का राज है ;
छिपा कई राज़ हैंं ,
आ पड़ा चुनाव -
खड़ा अंचल के मीर ;
है पहलवान वीर ,
उम्मीदवार एक से एक बड़ा ;
यह पहलवान अपना ठप्पा read more >>
जुल्फों की घटाओं में क़मर खिली है -----
देख के छुपना , छुपके देखना -----
इसी अदाओं में छिपी है ----
हक़ीक़त आरजू फसाना ----
गुफ्तगू दिल की लब पे रुक गई - read more >>
बैठों मेरे सामने में -------2
आरजू तुझे जी भरके देखूँ ------💐
तुझे देख के जी क्यों नही भरता --------💐
हैं कौन सा मरासिम -----2
समझ लिया तो समझा देना मुझ� read more >>
आप को चाहत का शौक नही है ------💐
क्या और को बर्बाद करने का शौक नहीं हैं -----2
क्या मैं ही तेरा मंजिल था ----💐
जो बड़ी शौक से बर्बाद करती रही ----2
आज न� read more >>
आज पता चला तू ने क्यों ठुकराया ------💐
हम नहीं थे तेरे काबिल औकात में -----2
रंग - मंच में किरदार निभाते गयेंं -------💐
लूटाते गयें तेरे कदमों तले � read more >>