हम जीत में तेरे साथ थे,हार मे तेरे साथ है
तन्हां ठगा आज खड़ा हूं,हाथ पर रख कर हाथ है
क्या समझूं मैं किसको अपना,होता न विश्वास है
अब क्या � read more >>
मन क्यों चंचल इच्छा अनंत,
खोजे किसको हर क्षण हर पल |
संतोष नहीं ना शांत कहीं,
किसको पाने का रहता विकल ||
यह रंग रंगीली है दुनिया,
होता रहत� read more >>