मुझे लगता है, हर इंसान के अंदर बहुत कुछ होता है कहने को — पर हर कोई कह नहीं पाता। मैं उन्हीं अनकहे एहसासों, बिखरे जज़्बातों और खामोश सवालों को अपने रचनाओं में ढालता हूँ।
राजू एक होशियार और मेहनती लड़का था। गाँव के स्कूल में वह हमेशा अव्वल आता, माँ-बाप का सपना था कि वह बड़ा आदमी बने। लेकिन जब वह शहर की पढ़ा� read more >>
बारिश रुकने का नाम नहीं ले रहा था । छत पर टप-टप गिरती बूंदें किसी बीट्स की तरह लग रहा था । संजू खिड़की के पास बैठा था, हाथ में एक मुड़ा-तुड read more >>
वर्दी पहन के जब वो चलता है सीना तान कर,
कानून का रखवाला बनता है हर तूफ़ान पर।
हिफ़ाज़त है फर्ज़ उसका, कसम है ईमान की,
सलाम है उस पुलिस को, read more >>
वो न झुकता है, न रुकता है, न डर की भाषा जानता है,
सीना ताने, मौत से आंख मिलाकर चलता जाता है।
जिसे धूप, बर्फ़, तूफ़ान नहीं कोई भी रोक सके,
वो � read more >>
❤️ कुछ बातें कभी पुरानी नहीं होतीं...
वो गांव, वो रिश्ते, वो सादगी —
सब आज भी दिल के सबसे पास हैं।
✨ प्रस्तुत है — एक दिल से निकली कविता:
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