एक विद्यार्थी हुँ, और एक प्रतियोगी अध्यापक भी।जीवन मे जो दिखता है,जीवन मेरे साथ जो परिस्थितियों को देता है उसे ही साहित्यिक भाषा में लिखने को कोशिश करता हूं।
जो जारी है।।
तुम्हारे चित्त मे छल बसा है ,मगर मुझे यकीं नही है |
हर सांस तेरी मेरी दिल की धड़कन,मगर तुम्हें यह पता नहीं है ||
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जीवन मे मिले हो तुम मेरे, मै धन धान्य से पूर्ण हुआ।
जीवन मे मिले हो तुम मेरे, मै धन धान्य से पूर्ण हुआ।
पथ मे मेरे अब आलोकित राह का फिर आग� read more >>