Rajendra Prasad Gupta 21 Jun 2023 आलेख समाजिक अनमोल रिश्ता 30764 0 Hindi :: हिंदी
एक छोटी सी बच्ची ने उठाया था दिल का सवाल। उसके गर्म हाथों में एक नन्ही सी गाली खुद को खो रही थी। उसने उसे आश्रय दिया, खुदाई की और अपनी मां से कहा, "यह मेरी दोस्त है।" वर्षों बाद, अब एक वृद्ध औरत बेसहारा हो गई थी। वह बच्ची अब एक युवती थी, लेकिन अपनी नन्ही दोस्त के प्रति प्यार नहीं बदला था। दिन रात वह नन्ही गाली के साथ बिताती थी। एक दिन, जब बच्ची का अंतिम समय आया, वह नन्ही गाली उसके साथ थी। उसका दिल धड़कता रहा, प्यार और अंतिम विदाई के आंसू दोनों उसकी आंखों से बह रहे थे। यह दिल छूने वाली कहानी हमें याद दिलाती है कि वास्तविक प्रेम कोई उम्र नहीं जानता है। नन्ही गाली ने हमेशा बच्ची के दिल में बसी रही और उसकी आत्मा से जुड़ी रही।
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