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ठाकुर होना आसान नहीं होता

Ritin Kumar 30 Sep 2023 आलेख अन्य #रितिन_पुंडीर #इतिहास #सत्य_इतिहास #क्षत्रिय 141344 0 Hindi :: हिंदी

"कभी क़ासिम तो कभी गजनी से भिड़ा ठाकुर !
हार तो तय थी...पर लड़ा ठाकुर !
हारना ही था उसे , वो अकेला जो लड़ा था ,
क्या जन्मभूमि ये तुम्हारी नहीं थी ? फिर क्यों अकेला लड़ा ठाकुर ?

बीवी सती हुई ,बच्चे अनाथ !!
हिन्दू तो बचा पर , भरी जवानी में 
मरा ठाकुर !
सदियों से रक्त दे माटी को सींचा ,
जन , जन्मभूमि और धर्म की वेदी पर 
मिटा ठाकुर !

जिनके लिए सब कुछ खोया , क्यों उनकी ही नज़रों में बुरा ?
फ़िल्मों का ठाकुर !
कहानियों-क़िस्सों का ठाकुर !
कविताओं का ठाकुर !
जब दुबक बैठे थे घरों में सब तमाशबीन ,
तब पीढियां युद्धभूमि में बलिदान कर रहा था ठाकुर ,
आज बुद्धिजीवी पानी पी पीकर बरगलाते और कोसते
कि आखिर कौन है ये ठाकुर..?

कौन बताए उन्हें कि कफ़न केशरिया करके , मूंछों पर तांव देकर मौत को गले लगाने वाला जांबाज ही था ठाकुर ।"

-रितिन पुंडीर ✍️

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