Arun kumar sirswal 30 Mar 2023 आलेख हास्य-व्यंग पारो #देवदास#नोकरी#छोकरी 39199 0 Hindi :: हिंदी
रोज होते लाखो बर्बाद लड़की को समझकर पारो बन जाते देवदास कुछ लाइन में कुछ लगे इस काम में कुछ कर रहे इन्तेजार छोकरी के चक्कर में नोकरी से बेकार करते इस काम को होकर मदहोश मिलती ना नोकरी किस्मत को देते दोष चार दिन की चाँदनी को समझ लेते जन्मो का प्यार इस तरह हो रहे लाखो बेरोजगार बेरोजगारी के इस खेल में ले रहे बढ़ चढ़कर हिस्सा यही है आज जगह जगह का किस्सा आज इस काम का चल रहा पहिया तेज हे मालिक इसे रोकने का कोई तरीका भेज ना रुका ये कारवाँ तो लाखों से करोड़ों बन जायँगे खाते पीते परिवार के नोजवान रोड़ आ जायँगे कहत अरुण सिरसवाल इसे छोड़ो करो अपना और परिवार का ख्याल क्यों बन रहे हो सोनी महिवाल अरुण कुमार सिरस्वाल