Ritu raj singh 22 Apr 2023 आलेख प्यार-महोब्बत 29281 0 Hindi :: हिंदी
मैं यादों का किस्सा खोलु तो कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं .....
मैं गुजरे पल को सोचू तो कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं....
अब जाने कौन सी नगरी में आबाद है जाकर मुद्दत से.,....
मैं देर रात तक जागू तो कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं....
कुछ बातें थी फूलों जैसी....
कुछ लहजे खुशबू जैसे थे...
मैं शहर ए चमन में टहलु तो...
कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं...
...किसी को नौकरी से फुर्सत नहीं
किसी को दोस्ती की जरूरत नहीं...
सारे यार गुम हो गए हैं....
तू से तुम और आप हो गए हैं....
मैं गुजरे पल को सोचू तो कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं.....
धीरे धीरे उम्र कट जाती है....
जीवन यादों की पुस्तक बन जाती है....
कभी किसी की याद बहुत तड़पाती है.....
और कभी यादों के सहारे जिंदगी कट जाती है.....
किनारो पे सागर के खजाने नहीं आते.....
फिर जीवन में दोस्त पुराने नहीं आते......
जी लो इन पलों को हंस के ये दोस्त ......
फिर लौट के दोस्ती के जमाने नहीं आते.....
रितुराज सिंह