संदीप कुमार सिंह 03 Jun 2023 आलेख देश-प्रेम मेरा यह आलेख समाज हित में है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी लाभान्वित होंगें। 33401 1 5 Hindi :: हिंदी
सैनिक वो जो अपने जान पर खेल कर वतन और वतन के लोगों को सुरक्षा प्रदान करते हैं। अपने खुशियों को त्याग कर आवाम को खुशियाँ प्रदान करते हैं। अपने घर परिवार से दूर मुस्तैदी से अपने कार्य को अंजाम देते हैं। उनके ड्यूटी के दरमियान खतरा हर घड़ी उनके सर पर मंडराता रहता है। कब कैसे दुश्मन चाल चल दे इसके लिए उन्हें बहुत सावधान रहना पड़ता है। कभी_कभी तो देश के अंदर ही देश के लोगों द्वारा भी परेशानियां पैदा की जाती है। असामाजिक तत्वों द्वारा जानलेवा हमला कराया जाता है। ऐसे में उन्हें सैनिक को अधिक सावधानी के साथ असामाजिक तत्वों को जवाब देना पड़ता है। सरहद पर तैनात सैनिकों को तो और भी दुश्मन देशों से खतरा बना रहता है। जो पड़ोसी दुश्मन देश हैं कभी भी अपनी गंदी चाल को अंजाम देने के लिए कुछ भी कर सकते हैं। दुश्मन देश के आक्रमण पर तो हमारे सैनिक अपने जान की आहुति देकर सरहद का रक्षा करते हैं।एवं मुल्क को शांति तथा अमन चैन देते हैं। जंग में असमय ही मौत के गाल में समा जाते हैं। गोलियों से मारे जाते हैं। वैसे सैनिक जो अभी _अभी विवाह बंधन में बंधे थे। और अचानक से आए जंग में शहीद हो जाते हैं। और जब उनका लाश तिरंगे में लिपटे हुए घर पर आती है तो मातमी सन्नाटा छा जाता है। परिवार के पूरे लोग यहां तक की पूरे गांव के लोग शोक में डूब जाते हैं। देश की सेवा में अपने स्वर्णिम आनंद से वंचित हो स्वर्ग सिधार जाते हैं। उनकी पत्नी विधवा हो जाती है। जिनका की अभी हंसने _गाने और खेलने की उम्र होती है। देश के लिए कुर्बान सैनिकों को सहस्र बार नमन करते हैं। और उनके आत्म को शांति मिले इसके लिए दुआ करते हैं। दुआओं में हम तुझे याद करते रहेंगे, तेरे परिवार वालों का साथ निभाते रहेंगे। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍️ जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा) बिहार
2 years ago
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....