संदीप कुमार सिंह 18 Jun 2023 आलेख समाजिक मंजिल पाने की सनक, मंजिल एक नहीं कई, फिर देखते हैं किसमें कितना दम है, दुनिया की तमाम ताकत, फौलादी धावक, कौन रोक पाता, एक अदना सा व्यक्ति, मानव जब जोड़ लगाता है, जो सर्वदा ही उत्साहित करता है 23081 0 Hindi :: हिंदी
मंजिल पाने की सनक सवार होना चाहिए। फिर देखते हैं है किसमें इतना दम की मेरे फौलादी धावक को कौन रोक पाता है। मानव जब जोड़ लगाता है, पत्थर को भी मोम कर देता है। सिर्फ अपने रग_रग में वह जोश भरना है, जो सर्वदा ही उत्साहित करता रहे। एक अदना सा व्यक्ति भी इतिहास बना सकता है। ऐसे ढेरों उदाहरण हैं कि व्यक्ति फर्श से उठकर अर्श तक पहुंचा है। जब अपने अंदर यह जूनून सवार हो जाए कि नहीं किसी भी सुरते हाल में हमें जंग जीतना है, विजय प्राप्त करना है तो दुनिया की तमाम ताकत खुद ब खुद नतमस्तक हो जाती है। और अपने इशारे पर चलने के लिए व्यग्र रहती है। जी जान से मेहनत हमें अपने सपनों को साकार करने में भरपूर साथ देता है। आज मानव कहां से कहां आ गए ये बहुत ही सुखद बात है। ब्रह्मांड के कोने_कोने में आज के मानव पहुंच चुके हैं। हर नामुमकिन को मुमकिन करने की कुव्वत मानव के पास है। जैसा चाहा जब चाहा वैसा मानव ने अपने सुख_सुविधा के लिए किया। बस जरूरत है अपने अंदर भी इस तरह की बातों को भरने की, जानकारी इकट्ठा करने का, और मंसूबा हो आगे बढ़ने का। हमें लगन है आगे बढ़ने का। और इस जन्म को चमकाने का । साहस से सब बाधा पार करूं_ चाहत है इतिहास बनाने का। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍️ जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा) बिहार
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....