संदीप कुमार सिंह 09 Jun 2023 आलेख समाजिक मेरा यह आलेख समाज हित में है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी लाभान्वित होंगें। 24939 0 Hindi :: हिंदी
ग्राम चौपाल की व्यवस्था सरकार के द्वारा किया जा रहा है। जो की एक काबिले तारीफ़ कदम है। जिसमें हमारे साथ बैठकर सरकार के अधिकारी हमारी समस्याओं से रूबरू होंगे। और तुरंत ही समस्या निदान का कारगर उपाय किया जाएगा। ग्राम की तमाम जनता होंगे और साथ में मुखिया, सरपंच, विधायक, सांसद और BDO भी होंगे। ग्राम चौपाल तो बहुत ही लाभकारी सिद्ध होना चाहिए। परन्तु नियम, उपाय तो पहले से भी बहुत बने हुए हैं, शायद उन्हीं उपायों पर अमल किया जाय तो ग्राम की सारी समस्या कब का समाप्त हो गई रहती। लेकिन यहां तो नियम और उपायों की धज्जियां उड़ाई जाती है। जिस कारण से आज भी ग्राम शहरों से काफी पीछे चल रहा है। समस्या जस का तस बनी हुई है। फिल्हाल स्तिथि में तो बहुत हद तक सुधार हुआ है। अब बड़ा सवाल यह है कि किसी भी नियम या व्यवस्था को सुचारू रूप से लम्बे समय तक कैसे चलाया जाए? जागरूकता की हवा अभी तो खूब चली है। लेकिन अभी भी 100%नहीं हुआ है। मुझे तो लगता है अब ग्राम_ग्राम में व्यवस्था तो बहुत हो गई है। लेकिन यह व्यवस्था लगातार सुचारू रूप से चल नहीं रही। गर इस चौपाल व्यवस्था को लम्बे समय तक सुचारू रूप से चलाया जाए तो ग्राम भी शहरों के मुकाबले में आगे आएंगे। इसके लिए सरकार के अधिकारी एवं जनता के प्रतिनिधि को जनता के हित के लिए मानव कल्याण की भावना से ओतप्रोत होकर आगे रहना चाहिए। जिसका फायदा किसी के भी आने वाले पीढ़ी को मिलेगा। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍️ जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा) बिहार
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....