Baba ji dikoli 30 Mar 2023 आलेख प्यार-महोब्बत समाजसुधार/मन की बात/अदभुत/देश हित/स्वरचित/कविता/ 35021 0 Hindi :: हिंदी
बड़ी शिद्दत से माँगा था खुदा से उस महबूब को । अब बदले बदले नजर आने लगे है , लगता है कि उन के दिल में कोई और जगह बनाने लगे है अब उन्हके प्रेम पत्र फिर से मुझे आने लगे है लगता है उनके नये महबूब उनकी झूठी कसमे खाने लगे है बो हमें अब झूठे किस्से सुनाने में लगे है और एक हम है कि दिल को समझने में लगे है सोचा की लगा लू फिर दिल को उनसे तो पता चला की दिल लगाने बाले तो महखाने में पड़े है । @BaBa ji dikoli