Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

धर्म और भक्ति का प्रचार

Pinky Kumari 30 Mar 2023 आलेख धार्मिक 139376 0 Hindi :: हिंदी

अगर धर्म को बचाना है। तो धर्म और भक्ति का प्रचार और धर्म ग्रंथों का ज्ञान होना अतिआवशक है। इस कलयुग लोग भक्ति का मतलब दिखावा पाखण्ड आडम्बर व्यापार बन कर रह गया है। लोगों में ग्रन्थो का ज्ञान कम होता जा रहाँ है। और भगवान के नाम पर दिखावा फैलता जा रहा है। याद करे इतिहास में भारत को विश्व गुरु क्यों कहाँ गय है। क्योंकि उस समय में लोगों में विज्ञान सामाजिक आर्थिक और धार्मिक ज्ञान था धार्मिक ग्रन्थों सें ही धर्म का विकास हुआ पर आज के समय में धार्मिक ज्ञान सिमित हो गया है। लोग ज्ञान से ज्यादा दिखाता पंसद करते है। अब वो चाहें भगवान को लेकर ही क्यों ना हो जी हा भगवान का नाम लोग अपने निजी स्वार्थ सुख और पैसे कमाने का सादन बन चुका है। लोग धर्म को व्यापार बना चुके है। इस समय में भगवान का असली भगत वहीं है। जिसने अलग वेशभुषा और गले में फुलो कि माला और हाथो में ग्रंथ हो चाहें उसमें लिखे शब्दों का ज्ञान भले ही क्यों ना हो पर वहीं सबसे  बड़ा भक्त है। आज के समय में भक्ति लोगो को दिखाने में काम आती है। लोगो के सामने यह दिखाना होता है। कि हम ही सबसे बड़े भक्त है। ताकि लोग भगवान को छोड़कर उन्हें मानने लगे कि यही भगवान का भक्त है। भगवान कि भक्ति के लिये किसी अलग स्थान वस्त्रों कि आवश्यकता नहीं होती बस भगवान सच्चि भगती प्रेम कि आवश्यकता है। और दिखावा ही करना है। तो भगवात से जुड़ी हर एक वस्तु के प्रति मान समान और सभी जिव जन्तुओं के प्रति दया रखाना सिखाओं यह पेड़ - पौधे मिटी जल वायु अग्नि पृथी धरती आदि को बचाना होगा क्योंकि हमारा शरीर इन सब से मिलकर बना है। हमें इन्हें बचाने कि आवश्यकता है। और यहीं भगवान के प्रति असली भक्ति होगी पर नहीं आज के युवा दिखाता ज्यादा पंसद करते है। जिस प्रकार भगवान के नाम को व्यापार का जरीया बना कर इस्तेमाल कर रहें। है। वह हम लोगों को समझना चाहिये कि यह गलत है। भक्ति करना सहीं है। पर अन्धभक्ति करना गलत है। एसी भक्ति को स्वयम भगवान भी नहीं मानते

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

छेड़ते हुए लड़के ने लड़की से कहा- तुम कितनी सुन्दर हो तुम्हारी आँखे तो ऐसी हैं जैसे समुन्दर हो तम्हारे होठ लाल ऐसे हैं जैसे चुकन्दर ह� read more >>
हमारे देश में बहुत से महापुरुष हुए, बहुत से नेता हुए जिन्होने देश के लिये अपने प्राण तक न्यौछावर कर दिये, सिर्फ देश की एकता व अखण्डता क� read more >>
किसी भी व्यक्ति को जिंदगी में खुशहाल रहना है तो अपनी नजरिया , विचार व्यव्हार को बदलना जरुरी है ! जैसे -धर्य , नजरिया ,सहनशीलता ,ईमानदारी read more >>
Join Us: