Pinky Kumari 30 Mar 2023 आलेख धार्मिक 51365 0 Hindi :: हिंदी
जैसा की हम सब जानते है। भारत अनेक धर्मों का देश होने के साथ - साथ यहाँ पर विभिन्न प्रकार के त्यौहार मनाये जाते है। और अब त्यौहारो का सिजन चल रहा है। आज में यहाँ दशरे के ऊपर अपने विचार लिखने जा रही हूँ =) कहाँ जाता है। रावण दहन होने से बुराई पर अच्छाई की जित होती है। पर आज के रावण में भगती तो दुर महिलाओं को लेकर एक गन्दी सोच विध्यमान है। जैसा कि सब जानते है की रावण ने माता सीता का हरण किया था पर रावण ने कभी भी माता सिता के छुवा नहीं और नाही कभी आँख उठाकर देखा पर गलत है। पराई स्त्री को छुना भी पाप है तो रावण ने तो माता सीता को हरण किया था पर आज का रावण महिलाओं को भोग विलास कि वस्तु समझ बेठा है। ना जाने कितने बलात्कारी लोग खुले आम घूम रहें है। और ऊपर से हमारे देश का कानून ऐसा है की अपराध करने वाले लोग बाहर घूम रहे है और निर्दोष जैल के अन्दर यह कैसा कानून है। और सबसे बड़ी बात देश के राजनेता हर पाँच साल में ऐसे अपराध बन्द करने की बात करते है। बाल्की हर साल के मुकाबले ज्यादा अपराध होते आ रहे है। राजनेताओं को अपनी कुर्सी बचाने के लिये कैसा भी अपराध करवाना पड़े वो करवाते है। चाहे कोई कितना विरोध करे इस बात से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता आओं इस दशहरे हम प्ररणले हमारे अन्दर राग, द्वेष , ईशा, दिखावा, लड़ाई झगड़े, झुठ बोलना, सुगली करना, आदि ऐसी तमाम बुराई को जलाकर राख करदे एक बात और जिस दिन इस देश का कानून मजबूत होगा तभी बलात्कार जैस तमाम अपराध खत्म होगा और तभी हर घर कि महिलाये सुरक्षित होंगी । आखिर महिलाये कहाँ तक अपने आप को सुरक्षित रखे
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