Uma mittal 30 Mar 2023 आलेख धार्मिक 51596 0 Hindi :: हिंदी
आज बड़े हर्ष का विषय है | 5 अगस्त 2020 को श्री राम जी के सम्मान में अयोध्या में भूमि पूजन रखा गया है |सोचकर मन गदगद हो गया |जी चाहता है मैं भी इस भूमि पूजन में शामिल हो जाऊं | श्री राम भगवान के करोड़ों भक्त इस दिन का इंतजार कर रहे थे |भगवान राम तो सर्वव्यापी हैं |उनका तो कण-कण में वास है | जहां जहां श्री राम भगवान,वहां सेवक के रूप में भगवान हनुमान जी मिलते हैं | यह जीत तो मात्र भक्तों की है |यह तो एक सत्य की जीत है |भगवान तो भक्तों के हृदय में बसते हैं | श्री राम लला करोड़ों लोगों पर राज करते हैं ,यही सच है | श्री राम की महिमा तो राम भक्तों के सिवा कौन जान सकता है | श्री राम का नाम ही अपने आप में बड़ा फलदाई है | राम कहने मात्र से प्राणी भवसागर से पार हो जाता है |उनके नाम का पत्थर भी पानी में नहीं डूबता, तो एक मनुष्य कैसे डूब सकता है ? प्रभु श्रीराम ,काफी सहनशील रहे हैं पर गुस्सा आ जाए तो सागर को भी सुखाने की ताकत रखते हैं | घर घर में रामायण को आदर के साथ स्थान दिया गया है | जहां राम भगवान अपने पिता का वचन निभाने के लिए वन गमन करते हैं , वही श्री दशरथ जी (श्री राम भगवान के पिता )भी पुत्र मोह में अपने प्राण तक त्याग देते हैं |राम जी ने छुआछूत को मिटाते हुए शबरी जो जात से भीलनी थी, उसके झूठे बेर खाए |बस उन्हें तो प्रेम से जो आदर दे दे, उसकी नैया पार कर देते है | उन्होंने निषादराज, सुग्रीव, विभीषण से मित्रता भी काफी निभाई| श्री राम भगवान ने अहिल्या को तारा, कई राक्षसों को मारा | श्री राम भगवान के गुण बताने लग जाए तो सूरज को दिया दिखाने के समान होगा |श्री राम भगवान तो गुणों की खान है | अति सुंदर ,गौर वर्ण, सर्वविद्या से परिपूर्ण ,माता- पिता, गुरु ,भ्राता, मित्रों और प्रजा सबसे बहुत स्नेह करने वाले, युद्ध में कौशल, यूं कहूं !तो संसार में जितने भी गुण होते हैं ,सभी से परिपूर्ण है | अपनी पत्नी सीता जी को भी उन्होंने यह वचन दिया था कि यद्पि राजा महाराजा कई विवाह कर सकते हैं , परंतु वह सदा एक पत्नी वाले ही रहेंगे |उनकी तरह गुणवान ना कोई संसार में हुआ, ना होगा| अपनी प्रजा को खुश करते करते उन्होंने अपनी सारी खुशियां न्योछावर कर दी | परंतु श्री राम भगवान के चारों भाई बहुत अच्छे थे | देखने वाली बात यह है कि चारों भाइयों को राजगद्दी का लोभ नहीं था | श्री राम जी के छोटे भाई शत्रुघ्न जी दुख में रहे | श्री लक्ष्मण जी तो अपनी पत्नी उर्मिला जी जिनके साथ उनका अभी ही विवाह हुआ था ,उनको छोड़कर श्री राम भगवान की सेवा में साथ ही वन चले गए और श्री भरत जी चाहते तो राजगद्दी ले सकते थे, परंतु उन्होंने तो अपनी माता को ही बहुत धिक्कारआ और श्री राम जी की पैरों की खड़ाहूं सिहासन पर रखी और राज्य छोड़कर जमीन पर ही सोते रहे | पर इस कलयुग में ऐसा नहीं है यहां तो कुछ भाई भाई एक छोटे से टुकड़े के लिए भी एक दूसरे का हिस्सा रख लेते हैं और अपने आप को समझदार समझ कर नाचते गाते हैं |इस अयोध्या भूमि पूजन में हम आगे की पीढ़ी को श्री राम भगवान के मंदिर के द्वारा यह शिक्षा दे सकते हैं कि हमारे भगवान कितने आदर्शवादी, मर्यादा पुरुषोत्तम रहे हैं ,उनसे हमें अनुसरण करना चाहिए | हर व्यक्ति को श्री राम भगवान को अपना आदर्श बनाना चाहिए |अगर मन में सच्ची श्रद्धा है तो आज 5 अगस्त को श्री राम भूमि पूजन के उपलक्ष्य में 5 दिए जरूर जलाएं | सागर में इतना पानी गागर में भरा ना जाए | श्री राम भगवान के इतने गुण , कागज पर लिखा ना जाए || जय सिया राम || उमा मित्तल राजपुरा (पंजाब)