मौत का खौफ ना कर,
बिना रुके सफर कर।
कभी भी दुनिया की प्रवाह ना कर,
बस अपने सपनों को सकार कर।
यहां आए हो किसलिए?
खूब_खाकर और पचाकर,
जाना नह read more >>
दिल के झरोखे में एक ख्वाब सजा रखा था,
खिल उठे चेहरे पे एक नूर सजा रखा था,
समानों के झुरमुट में रंक को राजा बना रखा था,
मनचाही मुरादों में � read more >>