//...हाल -ए - दिल...//
ये दिल ,
किस हाल में है...
तुम कैसे ,
जान पाओगे ?
हाल ...
क्या है इसका ?
ये तो ,
मुझे भी खबर नहीं...!
चिन्ता नेताम " मन "
डो read more >>
कहने वाले तो क्या कहे , हमे तो जिंदगी की बेइंतहा।
ओ प्यार करने वाले , हमें क्यों रुलाते हो।हमे तो जिंदगी ने किस मोड़ पर ला दिया, कुछ भी कह� read more >>
मुखड़ा- एकही हा बात के भाई बावे हमके खेद जी,
प्यार में काहे लोगवा करेला भेद जी,
केहू चाहे दिल ता केहू चाहे छेद जी,
प्यार में काहे लोगवा कर� read more >>
मोहब्ब निगाहों से पढ़ी जाती है,
जरूरी नही 'जिक्र-ए-अल्फ़ाज' हो.!
हुनर होगी तो ये जान जाओगे,
किस हद तक 'दिल-ए-ख़ास' हो..!!
✒️मनीष सिंह 'क्षत्रिय read more >>