चाँद चांदनी को चाहता है जिस कदर,
उस कदर चाहूँ मैं तुझे।
मेरी एक ख्वाईश है कि बस,
या तू मेरी बन जा या अपना बना ले तू मुझे।
मुझे अच्छी तरह � read more >>
मैं गया मयखाने में पर मय ना मिला ,
दिल गया मयखाने में तो मीना मिली...!
हरेक ने मुझे चाहा पर वफा ना मिला ,
मैंने उसे चाहा तो वो बेवफा मिली...!! read more >>
हर तमन्ना खाक हुई, आने की उम्मीद भी नही ।.
क्या गुनाह किया जो तकदीर भी मुझसे रूठी ॥
राह देख कर थक गई आंखे रात ढली शमा भी बुझ गई ' लौट आने क� read more >>