Shakuntala Sharma 30 Mar 2023 शायरी प्यार-महोब्बत # हर तमना# उम्मीद भी नही# राह देख कर थक# बिछड़ना मेरे नसीब 66203 0 Hindi :: हिंदी
हर तमन्ना खाक हुई, आने की उम्मीद भी नही ।.
क्या गुनाह किया जो तकदीर भी मुझसे रूठी ॥
राह देख कर थक गई आंखे रात ढली शमा भी बुझ गई ' लौट आने की आस भी अब टूटी ॥
मिलना और बिछुड़ना मुद्दकर की बात है ।जीने की चाहत में हर बार सांसे यु फिजुल ही चली ॥
तेरे जाने के बाद . जीना भी गंवारा ना था हमें।
तेरे बिन जग सुना, तेरे बिन हर रात यूं ही ढली ॥
जिन्दगी भर साथ निभाने की वजह अब ना रही।
दुःख भरी अंधेरी रातें तुझसे सौगात में मिली ॥
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शकुन्तला शर्मा ।
I am a teacher and a housewife. My Education M.A.My hobby is reading, teaching, writing etc. I am al...