ख्वाइशों से बढकर जो मिले
उसका कोई किनारा नही होता।
चाहे सपना कुछ भी हो
जो हकीकत मे हमें ना मिले
वो हमारा नही होता।
*** *** *** *** ***
कभी वा� read more >>
अंदर का सबेरा ,जब जाग जाता है
बाहर का दिन भी, तब रात नजर आता है
कहीं कुछ भी नही है, इस भीड़ भरी दुनिया में
हम जागें, तो सब अपने ही अंदर नजर आ read more >>
जो पहले ही कदमो में लडखडा जाये
वो चाल ही क्या ?
जो तेज भी दौडे और मंजिल तक न पहुँचे
वो रफ्तार ही क्या ?
जो चहरा देखकर मुँह फेर ले
वो प्यार read more >>