हाथ जोड़कर मत खड़े हो तुम,
मेहनत स्वयं कर लिया करो,
पैर बड़ों के छू लिया करो तुम,
सम्मान नारियों का किया करो,
आज किया तो कल भी करना,
सुबह � read more >>
गर्मी के दिनों की वह पूनम की रात !
याद दिलाती बचपन की हर वो बात !!
आसमान में चमकते तारो की बारात !
टिमटिमाते जुगनू भी होते थे साथ !!
सभी ब� read more >>
बचपन की यादें
जब याद आती है वो भूली बिसरी बचपन की कहानी!
कभी होठों पर हंसी.......
तो कभी आंखो से छलकता है पानी!
अरड़ाना गांव की गलियों मे� read more >>