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गाल तुम्हारे रसगुल्ला से कम तो नहीं-हरेक अंग किसी अप्सरा से कम तो नहीं

संदीप कुमार सिंह 09 Aug 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत मेरी यह कविता समाज हित में है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी रोमांचित होंगें। 33904 1 5 Hindi :: हिंदी

गाल तुम्हारे रसगुल्ला से कम तो नहीं।
हरेक अंग किसी अप्सरा से कम तो नहीं।
जिसके आने से नहीं होता है अँधेरा_
तुम तो यार सूर्य की किरण से कम तो नहीं।
(स्वरचित मौलिक)
संदीप कुमार सिंह✍️
जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)बिहार

Comments & Reviews

संदीप कुमार सिंह
संदीप कुमार सिंह बहुत सुन्दर

2 years ago

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