संदीप कुमार सिंह 30 Mar 2023 कविताएँ समाजिक मेरी कविता प्रेरणा से भरपूर है जो पाठकों के लिए बहुत ही उपयोगी रहेगा। 31062 0 Hindi :: हिंदी
मूरत में ही प्रभु मिले, रखें विश्वास साथ। श्रद्धा पावन को रखें,मिले आशीष हाथ। मूरत चमके दिव्य सा, बाहर आती जोत। भक्त जनों को हो खुशी, प्रसन्न होते नाथ। मूरत मन्दिर में रहे, मिलते हैं भगवान। पूजा करना लाभ है,भाग चले शैतान। धीरज धरना सीख लें,दया करेंगें नाथ। होंगें पूरे आस सब,जीतेते इंसान। सारे मूरत एक सी,जहां विश्वास मान। मिले भगवान जी उसे,देते उनको ज्ञान। भक्ति करें तब शक्ति हो, मिलते हैं धनधान्य। इज्जत बढ़ती आपकी, पाते हो सम्मान। संदीप कुमार सिंह ✍🏼 जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)बिहार
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....