Raj Ashok 03 May 2023 शायरी प्यार-महोब्बत माफ 38739 0 Hindi :: हिंदी
उन्हे सबूत मिल चूके थे।
मेरी बेगुनाही के ,
मगर
वो मुझें दिल से माफ नहीं कर सके।
शायद ,ये चाहते एसी हींं होती है।
सच मे करे तो हजार गुनाह माफ
नहीं तो, एक नही