अभिषेक मिश्रा 30 Mar 2023 शायरी हास्य-व्यंग 86776 0 Hindi :: हिंदी
शहर की आबोहवा में ,कुछ इस कदर परिवर्तन होने लगे हैं हुजूर !
खंडहर भी बयां करने लगे हैं, कि इमारत भी क्या शानदार थी।।
-अभिषेक मिश्रा