मोती लाल साहु 23 May 2025 शायरी अन्य मन, चंचल, खोज, प्रेरणा, आत्मज्ञान, शायरी, मोती 17508 0 Hindi :: हिंदी
मन की सवारी कर- मोती चला सितारों की दुनियां, मन भावन अनहद् तुर- बाजे रे सितारों की दुनियां, मन मोरा नाचे- ता-ता थैया झूला-झूले गगन महल में, टप-टप टपके अमृत बूंद- बुझ गई प्यास जन्म-जन्म की.... -मोती