Alok ks 04 Sep 2025 शायरी अन्य Mom love, love, motivation प्रेम, कविता, शायरी, हिंदी, मां के आंचल, 12836 0 Hindi :: हिंदी
मुश्क़िल चाहे जो भी हो, मंज़िल तक पहुंच कर दिखाएंगे, सफ़र कैसा था ये सबको जरूर बताएंगे, आज हंसती है ज़माना मेरे पीछे मां, पर तू मत रो एक दिन तेरी आंचल की रंग जरूर लहराएंगे। ~आलोक के. एस पुस्तक:- Dil Bechara Samajh Naa Paya