Mohammed fejaan 30 Mar 2023 शायरी राजनितिक गूगल 46865 0 Hindi :: हिंदी
शाईरी, बेम्बर 3 असतीव में तो हमारे पाले हुए साँप पलते हैं। अजी असतीन में तो हमारे पाले हुवए साँप पलते हैं. और वह हो इसलिए पलतें हैं। कियों की उन्हें हम पालते हैं। , नहीं तो उनमें तो इतनी औकात् कहाँ हैं। वह खुद से पल सकें.. मोहम्मद फैजान सिद्धिकी हरियाण सी.टी पानीपत गांव नूवाला 25 फूटा रोट ईन्दा विहार कॉलोनी वार्ड न0 2,
I , am Mohammed fejaan my father name rais ahamad and mathar name vasila...