Raj Ashok 08 Jul 2024 शायरी दुःखद अपने काबिल 37744 0 Hindi :: हिंदी
यों ,खुल्लेआम जब कभी , मिलन मुनासिब, नहीं था ।। तो क्यों , मिलना मुनासिब समझा ।। फिर,दर्द दिया इतना क्यों .... ? हमें अपने काबिल समझा।।
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Jai jai ho...