Manisha 30 Mar 2023 शायरी समाजिक रिश्ते, नाते घर, परिवार 39557 1 5 Hindi :: हिंदी
अपने कभी छूट ना जाए ये डर तो हमेशा लगा रहता है पर जो सच है वो कभी-कभी झूठा सा लगता है ये कैसी दुनिया है जो कभी समझ में नहीं आती अपने अपने से नहीं लगते और पराए कभी कभी अपने लगने लग जाते हैं
4 months ago
Mujhe kavitayein likhna bahut acha lagta hai or padhna bhi bahut acha lagta hai...