Raj Ashok 13 May 2025 शायरी समाजिक अपना 21622 0 Hindi :: हिंदी
हम उन्हें अपनी मुहोबत की कहानियों से , बाधंने लगे।। यादों के इस समंदर से , हम जरा जाग तो जाए।। फिर बताऐंगे किसे अपना मानने लगें।।
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Jai jai ho...