Disha Shah 26 May 2023 शायरी अन्य 46568 0 Hindi :: हिंदी
यथा दस्ती तथा सिस्टि यानी आप जैसा सोचोगे , वैसा ही आप बनते जानते हो इसीलिए सोचना हमेशा सकरात्मक ही चाहिए ताकि आप की ज़िंदगी खिल जाए .
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