Pandit Rahul tiwari bhadohi 05 Apr 2025 शायरी बाल-साहित्य 15586 0 Hindi :: हिंदी
अरे माँ की यादो को कैसे समेटेगा जमाना माँ तो वहा भी सोइ गीले में जहाँ बचाना था बच्चे को गीले कपड़ो से कैसे कह दे कुछ मुक्त हु माँ से जमाना ही मुक्त नहीं हुवा माँ के प्रेम दीवाने से ................................................................................................................................................... ......................................माँ .............................माँ .........................................माँ...................................