मोती लाल साहु 14 Jul 2025 शायरी प्यार-महोब्बत 15090 0 Hindi :: हिंदी
आहिस्ता आहिस्ता चल, ऐ मेरी हमसफ़र, तू ही है वो हसीना, मेरी हमसफ़र। जब से मिले हो तुम, खिल उठे हैं अरमांँ जीवन की हर डगर। तुमसे ही है दिल को तसल्ली, बाग-ए-ज़िंदगी खिला है आहिस्ता आहिस्ता। -मोती