कुमार किशन कीर्ति 13 Apr 2025 कविताएँ अन्य सफलता, मेहनत, कर्मठ 24545 0 Hindi :: हिंदी
यूं ही नहीं मिलती है सफलता इसके लिए, बहुत कुछ खोना पड़ता है। कर्म करते हुए कर्मठ बनकर मेहनत खूब करना पड़ता है। जिन्होंने भी सफलता पाई जग में, जिन्होंने भी नाम कमाया जग में। पल _पल के वे अनुरागी रहे सफलता के फिर उन्होंने ही कामयाबी पाई है। क्यों उदास बैठे हो, किस सोच में पड़े हो? अगर सूरज सा चमकना चाहते हो फिर आलस और नींद को खोना सीखो।