AAIDAN GOYAL 28 Oct 2024 कविताएँ अन्य 35789 0 Hindi :: हिंदी
ये वो कमरा है ये वो कमरा है जहां मैं अपना पूरा दिन गुजारता था। इस जगह ने मेरी हसीं देखी, तो मेरा रोना भी मेरी ख़ामोशी देखी है। तो मेरा बेपरवाह बोलना भी हसीं के ठहाके देखा है तो खुशियों की महफ़िल भी यह वो कमरा है........ सुकून के पल भी बिताये यहाँ तो बेचैन रातें भी, बिखरे हुए कपड़ो से लेके बिखरे हुए किताबो तक, इस जगह ने मेरे साथ मेरी ज़िन्दगी जिये है सबसे नाराज़ होकर उसी कोने में बैठना ये वो कोना है, ये वो कमरा है........ इस जगह ने मेरे हर पल में हमेशा साथ दिया, खुद से बात करनी हो तो ये वो आईना है मेरी शिकायते भी देखी तो मेरे मलाल भी देखा छोटे से बड़े होते हुए गुजरता हुआ हर साल भी देखा ये वो कमरा है.......... मेरे प्यार भी देखा तो पीछे अकेले रह गया वो दर्द भी देखा लड़ते हुए ज़िन्दगी से मेरी थकान भी देखा और थक कर घर आये हर वो शाम भी देखा। बहोत सी कहानी मेरी ज़िन्दगी की जो किसी को नहीं पता उसका जवाब है क्या? ये वो कमरा............. मेरे सच और झूठ हर किस्से को जिया है ये कमरा मुझे टूटता हुआ भी देखा तो उठ कर हसता हुआ भी देखा। चैन की नींद भी देखी तो खिलता हुआ चेहरा भी देखा ये वो कमरा है.............. मेरी ज़िन्दगी के कहानियो और खामोशियो का गवाह है ये वो कमरा, ये वो कमरा है...…...