Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

ये भारत बर्ष है

Baba ji dikoli 02 May 2023 कविताएँ देश-प्रेम Kaveeta /khani/deshbhakti/deshpremi 40642 0 Hindi :: हिंदी

ये भारत वर्ष है यारो 
इसने कुर्बानी देखि
भगत सिंह की फाँसी 
और लक्ष्मीबाई मर्दानी देखी
           देखि इसने मुगलो की टोपे और बंदूके भी
      फिर खनक उठी तलवारे राजपूती शमशीरो से भी
        रानी दुर्गावती के स्वाभिमान पर आँच जब आई
         खड़ा हो गया एकलिंग वरदानी भाई
यहाँ की नारियां भी कुछ कम न थी भाई
नाम था उनका पद,मनी बाई
मृत्यु की देवी भी थी कुछ छड़ घबराई 
जब जौहर की स्वाभिमानी घड़ी थी आई
वो मृत्यु से किंचित न घबराई 
था मुख पर जय भवानी माई 
जय भवानी माई................।
   फिर अश्वो ने भी अपनी भूमिका दिखलाई 
   चेतक नाम था उसका मेरे भाई
  अपनी अद्धभुत कलाओं से थी आश्वो की पहचान बनाई
  इतिहासः में उसने फिर स्वर्णिम जगह थी पाई
उसी समय फिर भक्तो की बारी थी आई 
थी जिसमे सर्वश्रेष्ट थी मीरा बाई
फिर तुलसी दास द्वारा रामचरित मानस की रचना की गयी
वाणी को विराम...
लेखक✍️✍️
@baba ji dikoli

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: