SHUBHAM PATHAK 05 Feb 2025 कविताएँ प्यार-महोब्बत 33112 0 Hindi :: हिंदी
सूखे पत्तों की आहट से , मुझे याद तेरी आती है. मन चंचल चित उपवन में, इक महक सी छा जाती है, मेरे दिल की गहराई से पूछो, तुम्हें पाने की हसरत कितनी है कितना है तुमसे प्यार मुझे, जीने के लिए साँसें जरूरी जितनी हैं, नहीं रहा जाता अब तुम बिन , जान मेरी अब जाती है तुम जल्दी से आ जाओ ना, मेरी धड़कन तुम्हें बुलाती है। तुम थी तो लगता था, जैसे सब कुछ है पास में मेरे. इक अलग ही बेकरारी रहती थी अकसर इंतज़ार में तेरे, घडी की सुइयां भागती थी, जब मेरे तू पास होती थी अब तो ये सुइयां भी बिन तेरे आगे न बढ़ पाती हैं, नहीं रहा जाता अब तुम बिन , जान मेरी अब जाती है तुम जल्दी से आ जाओ ना, मेरी धड़कन तुम्हें बुलाती है। दिखे कोई प्रेमी जोड़ा तो, मुझे तुम्हारी याद आ जाती है तुम्हारी हर इक याद पुरानी, फिर ताज़ी हो जाती है, तेरी मेरी प्रेम कहानी फिर गीत वही तब गाती है दिल की इस सुनी बगिया में, इक हलचल सी मच जाती है, नहीं रहा जाता अब तुम बिन , जान मेरी अब जाती है जल्दी से आ जाओ ना तुम, मेरी धड़कन तुम्हें बुलाती है। हर वक़्त उद्दास रहता है अब, मन चंचल और चित्त ये मेरा. जाने से तेरे मेरी दुनिया से, हताश हुआ है व्यक्तित्व मेरा, न जीने की अब कोई चाहत है, न तन में जान ही बाकी है इस भीड़ भरी दुनिया में अब कोई न मेरा साथी है, नहीं रहा जाता अब तुम बिन , जान मेरी अब जाती है जल्दी से आ जाओ ना तुम, मेरी धड़कन तुम्हें बुलाती है। अब तो अतीत के पन्नो में, मैं हर दम खोया रहता हूँ तेरे सपनों की दुनिया में, मैं हर दम सोया रहता हूँ, आ जाओ वापस तुम, घर आँगन मेरा महका दो करेंगे एक शुरुआत नई, तुम बस मुझको एक मौका दो, नहीं रहा जाता अब तुम बिन , जान मेरी अब जाती है जल्दी से आ जाओ ना तुम, मेरी धड़कन तुम्हें बुलाती है।